Loan Kya Hai in Hindi? Loan kaise le? (Loan क्या है और कैसे ले?)

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Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?: दोस्तों आपके पास विभिन्न बैंकों के और फाइनेंस कंपनियों के कॉल तो आते ही होंगे जो आपको लोन लेने के साथ विभिन्न फायदें भी बताते होंगे। आपको भी बहुत सारे लोग ऐसे मिले होंगे जिन्होंने आप से लोन का जिक्र क्या होगा। अक्सर हमसे कहा जाता है कि इस बैंक से लोन लेना अच्छा रहता है।

विभिन्न कंपनियों के फोन कॉल्स पर बताया जाता है कि उनकी कंपनी कितनी अच्छी-अच्छी लोन ग्राहकों को देते हैं। आखिर यह लोन दिए क्यों जाते हैं? और इन लोन के पीछे क्या उद्देश्य है? और बैंक कंपनियों का क्या मकसद है? क्या लोन सिर्फ बैंक का फाइनेंस कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ही है? या इनका कोई महत्व ग्राहकों के लिए भी है?

Loan Kya Hai in Hindi - Loan kaise le

इन्ही सब सवालों के जवाब ढूंढने के लिए आप इस पोस्ट को अंत तक पढ़िए। तो आप जान जायेंगे कि Loan kya hai in hindi. आपने लोन के प्रकार भी अवश्य ही सुने होंगे। जैसे कि पर्सनल लोन बिजनेस लोन टर्म लोन इत्यादि। अब आप सोच रहे होंगे की लोन के विभिन्न प्रकार क्या क्या है? तो दोस्तों आइए जानते हैं सभी सवालों के बारे में।

लोन क्या है (Loan Kya Hai)? – What is Loan in Hindi

विषय-सूची

दोस्तों दैनिक जीवन में लोन के बारे में तो अवश्य सुना ही होगा। हम अक्सर कहते रहते हैं कि आपको फला काम के लिए लोन लेना चाहिए। किसी को भी नया कारोबार शुरू करने से पहले उसे लोन की सलाह दी जाती है। आज हम जानेंगे कि आखिर लोन होता क्या है? दोस्तों क्या आप जानते हैं कि लोन क्या है?

लोन क्या है? चले दोस्तों इस सवाल को आसान भाषा में समझते हैं। मान लीजिए आपके पास बहुत अधिक धन है। और आपको अभी इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। तो ऐसे में आपका कोई दोस्त आपसे पैसा उधारी लेना चाहता है। मगर आपको उस पर पूरी तरह से विश्वास नहीं है। ऐसे में आप उनसे उनकी कोई कीमती चीज गिरवी रखकर पैसे दे देते हैं। ताकि आपका पैसा सुरक्षित रह सके। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

क्योंकि, यदि किसी कारणवश आपका दोस्त आपके पैसे देने से बाद में इंकार कर दे तो आप उसकी उस चीज को नीलाम कर कर अपने पैसे की अदायगी कर सकते हैं। और जब आपका दोस्त आपके यह पैसे लोटाएगा तो वह कुछ प्रतिशत कुल राशि का ज्यादा लोटाना पड़ेगा। क्योंकि जितने दिन उसने आपका धन इस्तेमाल क्या है, उसका उसे ब्याज देना पड़ेगा। इसे ही लोन कहा जाता है।

लोन के अंग क्या हैं?

 दोस्तों अब बात करते हैं लोन के विभिन्न अंगों की या हम यू कहें कि लोन के कंपोनेंट्स (अंग)  क्या-क्या होते हैं? आमतौर पर देखा जाए तो लोन के तीन कंपोनेंट्स होते हैं।

  1. Principal या borrowed amount / Loan amount / कुल लोन राशि
  2. Rate of interest / ब्याज दरें
  3. Loan tenure / लोन के पुनर्भुगतान की अवधि

दोस्तों आइए, अब जानते हैं सभी कंपोनेंट्स के बारे में विस्तार से।

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Principal या borrowed amount / Loan amount

Principal या borrowed amount / Loan amount वह राशि होती है, जो किसी भी बैंक या एनबीएफसी कंपनी के द्वारा आवेदक को प्रदान की जाती है। उदहारण के तौर पर यदि आप ₹500000 का लोन लेना चाहते हैं तो बैंक से प्राप्त ₹500000 की राशि को लोन अमाउंट कहा जाता है। यह कंपोनेंट लोन का सबसे महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इसी के आधार पर बाकी दो अन्य कंपोनेंट्स भी निर्धारित किए जाते हैं। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

Rate of interest / ब्याज दरें

जैसा कि आप सबको पता है बैंक लोन देने के लिए ब्याज दरें वसूलते हैं। ब्याज दरें बैंक दर बैंक बदलती रहती हैं। और ब्याज दरें मुख्य रूप से आपकी लोन अमाउंट के ऊपर निर्भर करते हैं। जब आप लोन अमाउंट की अदायगी करते हो तो आपको ब्याज सहित लोन अमाउंट की अदायगी करनी होती है। आपको लोन अमाउंट और ब्याज दरें सहित बैंक का भुगतान करना अनिवार्य होता है।

Loan tenure / लोन के पुनर्भुगतान की अवधि

दोस्तों लोन अवधि लोन के कंपोनेंट का अहम अंग होता है। लोन अवधि का मतलब होता है की बैंक आपको लोन अमाउंट और ब्याज दरें निर्धारित करने के बाद लोन अमाउंट को वापिस करने की एक समय सीमा देता है। जिसके अंदर आपको बैंक की कुल राशि + ब्याज दरें बैंक को देनी पड़ती है। इसी को लोन टेन्योर कहा जाता है। यदि कोई ग्राहक इस पीरियड के दौरान लोन को चुकाने में असमर्थ रहता है तो उसे हो सकता है बैंक की ओर से कुछ और समय दे दिया जाए। या फिर आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। जिसे आम भाषा में पेनल्टी भी बोलते हैं।

लोन की श्रेणी (Loan Kya Hai?)

दोस्तों अब तक हमने जाना कि लोन क्या होता है? और लोन के विभिन्न अंग क्या-क्या होते हैं। यह दोस्तों अब बात करते हैं लोन की श्रेणियां क्या क्या होती हैं। आपने यह तो अक्सर सुना ही होगा की कौन से लोन सुरक्षित है और कौन सी नहीं।  दोस्तों क्या आप जानते हैं कि सुरक्षित और असुरक्षित लोन क्या होते हैं? दरअसल लोन को दो श्रेणियों में बांटा जाता है सिक्योर (secured Loan) और अनसिक्योर्ड लोन। (unsecured Loan)

दरअसल लोन की श्रेणियां बैंकॉक की लोन देने की प्रवृत्ति के आधार पर निर्धारित की गई है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

Secured Loan

आपने यह है अक्सर तो सुना ही होगा की लोन लेने के लिए गारंटर या कोई सिक्योरिटी की जरूरत होती है। यदि आप जमीन पर लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको उस जमीन के कागजात बैंक में जमा कराने होते हैं। बैंक यह कागजात अपनी सुरक्षा के लिए रखते हैं।

यदि किसी कारणवश आवेदन बैंक लोन को चुकाने में असमर्थ होता है तो उसकी जमीन को नीलाम कर कर अपनी लोन राशि कि अदायगी कर सकें। इस प्रकार के लोन जो किसी गारंटी के सुरक्षा लेने के पश्चात ही उपलब्ध कराए जाते हैं. उनको सिक्योर्ड लोन बोला जाता है। सिक्योरिटी के तौर पर कई प्रकार के assets प्रयोग में लाए जाते हैं।  जैसे की property, gold, fixed deposits और PF (Provident Fund).

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 Unsecured Loan

दूसरे प्रकार के जो लोन होते हैं उनको असुरक्षित लोन की श्रेणी में रखा जाता है। यह एक प्रकार से पर्सनल लोन के ही अंग होते हैं। जिनको बिना किसी कॉलेटरल सिक्योरिटी या गारंटी के बैंकों के द्वारा ग्राहकों को प्रदान किया जाता है। इनके लिए आवेदन करता को किसी प्रकार की सिक्योरिटी या गारंटी बैंक में जमा कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती। बैंक आपकी डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया करने के बाद ही आपकी लोन को स्वीकृति दे देता है।

असुरक्षित लोन सिर्फ बैंकों के द्वारा ही नहीं बल्कि सिर्फ बैंकों के द्वारा ही नहीं बल्कि एनबीएफसी कंपनियों के द्वारा भी दे जाते हैं। असुरक्षित लोन आपके पर्सनल ट्रेक रिकॉर्ड और CIBIL Score के आधार पर दिए जाते हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि लोन के प्रकार कितने होते हैं और कितने प्रकार के लोन ग्राहकों को बैंक या एनबीएफसी कंपनी. “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

यों द्वारा प्रदान किए जाते हैं। आइए जानते हैं कि लोन के प्रकार – Types of Loan in Hindi के बारे में।

लोन के प्रकार – Types of Loan in Hindi

दोस्तों भारतीय बैंकों द्वारा और एनबीएफसी  कंपनियों द्वारा विभिन्न प्रकार के लोन ग्राहकों को प्रदान किए जाते हैं। जिनके माध्यम से ग्राहक लाभ उठा सकते हैं। वैसे तो अनेक प्रकार के लोन बैंकों द्वारा ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार प्रदान किए जाते हैं। मगर फिर भी कुछ खास लोग ऐसे हैं जिनकी मार्केट में हमेशा मांग बढ़ती ही रहते हैं। आइए चर्चा करते हैं, इन प्रमुख लॉन्स के बारे में।

Home Loan –

Car Loan – Unsecured

Education Loan – Secured

Personal Loan – Secured

Business Loan – Unsecured

Gold Loan – secured

1. Personal Loan

पर्सनल लोन को आम दैनिक जीवन की आवश्यकताओ  या अन्य कोई जरूरतों के को पूरा करने के लिए ली जाती है। अक्सर देखा जाता है कि पर्सनल लोन ऐसे मौके पर ली जाती है, जहां हम को मजबूरी में बहुत अधिक पैसों की जरूरत पड़ जाती है। पर्सनल लोन को सभी सरकारी और प्राइवेट सहित एनबीएफसी कंपनियां भी प्रदान करती हैं। पर्सनल लोन लेना एक सरल प्रक्रिया है।

जिसके तहत कोई भी आवश्यक दस्तावेजों और टर्म्स एंड कंडीशन को पूरा कर कर लोन ले सकता है। और अपने अनएक्सपेक्टेड एक्सपेंसेस को सही रूप से संभाल सकता है। यह लोन अन्य लॉन्स के मुताबिक कम समय अवधि के लिए दी जाती हैं। हालांकि ग्राहकों को एक लचीली अवधि दी जाती है। जिसके दौरान ग्राहक लोन राशि को आसानी से वापस कर सकता है। पर्सनल लोन के पेसो का उपयोग आप अपनी दैनिक जीवन की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं।

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2. Education loan

दोस्तों जितना शिक्षा के क्षेत्र में कंपटीशन बढा है। उतना कंपटीशन शायद ही किसी फील्ड में बढा हो। ऐसे में जरूरी हो जाता है की छात्र क्वालिटी एजुकेशन प्राप्त करें। मगर अच्छ इंस्टिट्यूट और कॉलेजेस बहुत अधिक महंगी फीस वसूलते हैं। जिसके कारण अधिकतर बच्चे उन शिक्षण संस्थानों में दाखिला ही नहीं ले पाते। ऐसे में आर्थिक रूप से बिछड़े हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सरकार और बैंकों ने एजुकेशन लोन के क्षेत्र में कदम बढ़ाए।

ताकि इच्छुक छात्र अपनी पसंद की कोलिज चुन सके। यह लोन सभी प्रकार के बैंकों और एनबीएफसी कंपनियों के द्वारा छात्रों को उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें छात्रों की ट्यूशन फीस और कॉलेज फीस के सहित अन्य खर्चों के लिए लोन दिया जाता है। सबसे अच्छी बात यह होती है कि एजुकेशन लोन के लिए ब्याज दरें भी कम ही होते हैं। एजुकेशन लोन विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हुई है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

3. Home loan

दोस्तों खुद का घर खरीदना हर एक भारतीय का सपना होता है। जिस प्रकार बैंकिंग कंपनियां विज्ञापनों में घरों के प्रति भारतीयों के प्रेम को दिखाते हैं। वह भी इस सच्चाई को बयां करता है। आपने वह विज्ञापन तो जरूर देखा होगा जिसमें कहा जाता है कि अपना घर तो अपना होता है। दोस्तों यदि आप खुद का घर बनाना या खरीदना चाह रहे हैं, मगर धन की कमी के कारण आप अपने सपने को साकार नहीं कर पा रहे हैं. तो ऐसे मैं आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।

क्योंकि आप आसानी से किसी भी बैंक से जाकर होम लोन ले सकते हैं। और अपने लिए एक घर बना सकते हैं। होम लोन के जरिए आप अपने लिए नया घर या घर का रिनोवेशन कराना हो या कोई घर के लिए जमीन खरीदनी हो. होम लोन से इस प्रकार के कामों को अंजाम दे सकते हैं। होम लोन लेना बहुत ही आसान प्रक्रिया है।

4. Car loan या Vehicle Loan

हम भारतीयों का घर के बाद खुद की कार लेने का सपना होता है। यह सपना हर घर के हर एक सदस्य का होता है। अपने खुद की कार खरीदना बहुत ही मन को संतुष्टि देने वाला कार्य है। ऐसे में सभी चाहते हैं कि वह भी खुद की कार खरीदें। मगर दोस्तों जिस प्रकार कारों के दामों में प्रतिवर्ष वृद्धि होती है।

उससे यह सपना सिर्फ सपना ही रह जाता है। मगर इस सपने को साकार करने में बैंक और एनबीएफसी कंपनियां ग्राहकों का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रही हैं। दरअसल एनबीएफसी कंपनी या कोई भी बैंक अन्य लोंस के साथ-साथ कार लोन या व्हीकल लोन भी अपने ग्राहकों को प्रदान करती हैं।

व्हीकल लोन की टर्म्स एंड कंडीशंस बहुत ही सरल और आसान होती हैं। जिनके जरिए कोई भी बहुत आसानी से कार ले सकता है। व्हीकल लोन में आपको टोटल लोन अमाउंट एक साथ नहीं देनी पड़ती। यह आपको प्रति माह के हिसाब से ईएमआई के रूप में देनी होती है। जोकि बहुत सरल प्रक्रिया है। अधिकतर लोग कार को लोन पर ही खरीदते हैं। क्योंकि महंगी कार खरीदना लोन के जरिए ही संभव हो पाता है। व्हीकल लोन पर लाखों लोग आए दिन कार खरीदते हैं।

5. Business Loan

भारत में जनसंख्या जिस प्रकार से बढ़ रही है उसी प्रकार से बेरोजगारी दर भी बढ़ रही है। क्योंकि भारत का युवा उत्पादन के क्षेत्र को छोड़कर नौकरी की चाह में लगा हुआ है। जिसके कारण ही प्रति वर्ष लाखों नौकर पैदा हो जाते हैं। मगर नौकरी देने वाले बहुत ही कम लोग पैदा होते हैं। इसके पीछे एक अन्य कारण यह है कि कोई भी फैक्ट्री या कारोबार करने के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता होती है। जो कि हर एक भारतीय के पास नहीं पाया जाता। तो ऐसे में लोग सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी की तरफ अग्रसर होते हैं।

सरकार ने गरीबी को कम करने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चला रखे हैं। मगर उनका कोई भी एक बेहतर पॉजिटिव रिजल्ट सामने नहीं आया है। गरीबी को कम करने के लिए ही सरकार ने बिजनेस लोन देने का योजना बनाएं।

Business loan किसी भी प्रकार के व्यवसाय को बढ़ाने या फिर नया व्यवसाय शुरू करने हेतु दिए जाते हैं। जिनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। ताकि अधिक से अधिक लोग रोजगार देने वाले बन सकें। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

अपने व्यवसाय के विभिन्न कार्यों के लिए बिजनेस लोन को लिया जा सकता है। इसमें आपको एक अच्छी खासी रकम का लोन मिल जाता है। जिससे आप कोई भी नया धंधा शुरू कर सकते हैं। और आत्मनिर्भर भारत की रूपरेखा में एक कड़ी बन सकते हैं।

6. Gold Loan

जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया है की गोल्ड लोन एक सिक्योर्ड लोन होता है। गोल्डन के अंतर्गत आपको सोने पर लोन दिया जाता है। मान लीजिए आपके पास सोना है मगर आप उसे बेचना नहीं चाहते तो ऐसे में आप उस लोन उस सोने पर लोन ले सकते हैं। गोल्ड लोन को आसानी से किसी भी बैंक या एनबीएफसी कंपनी द्वारा दे दिया जाता है।

क्योंकि सिक्योरिटी के तौर पर आपको अपना गोल्ड बैंक में जमा कराना होता है। अक्सर देखा जाता है की सोने की कुल कीमत का 85% तक बैंक का एनबीएफसी कंपनी लोन दे देती है। वही कुछ बैंक सोने की 90% तक की का सभी लोन दे देती हैं।

जब आप एक निश्चित अवधि के दौरान बैंक को कुल राशि ब्याज सहित दे देते हैं। तो बैंक आपके सोने को वापस कर देता है इस प्रकार आपका सोना भी सुरक्षित रहता है। और आपको मुश्किल समय में आर्थिक सहायता भी बैंक के द्वारा कर दी जाती है। आजकल सोना लोन को बहुत अधिक पसंद किया जा रहा है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

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7. Term Loan

टर्म लोन बिजनेस उद्देश्य ( business purpose) के लिए लिया जाता है। जिन्हें आपको एक निश्चित समय अवधि के दौरान वापस कर देना होता है। इसमें पहले से ही आपको फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट दिया गया होता है। जिसको आपको मंथली या वाटर लिली पेमेंट के तौर पर वापस करना होता है। यह है सिक्योरिटी का एक लोन है। जैसा कि अक्सर देखा जाता है सिक्योरिटी प्लान में अनसिक्योर्ड लोन की तुलना में ब्याज दरें कम होती हैं। तो टर्म लोन की ब्याज दरें भी अधिक नहीं होती।

टर्म लोन के लिए पुनर्भुगतान के लिए तीन प्रकार की समय सीमा के आधार पर भी इनको वर्गीकृत किया जाता है।

समय अवधि के आधार पर टर्म लोन तीन प्रकार की होती हैं।

Long Term (<3years)

Medium Term (1-3 years)

Short Term (1 year)

Loans के प्रकार उन्हें लेने के हिसाब से

लोन लेने के हिसाब से लोन को दो तरह के लोन में बांटा जाता है।

  1. Open-ended loans
  2. Closed-ended loans

Open-ended loans

 Open ended loan वो लोन होती हैं जिन्हें एक बार लेने के बाद भी दोबारा से लिया जा सकता है। जैसा कि आपने देखा होगा आप अपने क्रेडिट कार्ड से जब तक आपकी कार्ड लिमिट पूरी ना हो कितनी भी खरीदारी कर सकते हैं। और जब आप क्रेडिट कार्ड के बिल को भर देते हैं तो दोबारा से फिर से लोन ले सकते हैं। ओपन एंडेड लोन में आप तब तक लोन ले सकते हैं। जब तक आपके लिमिट पूरी ना हो।

Closed-ended loans

Closed ended loans वो लोन होती हैं जिनको एक बार लेने के बाद बार-बार नहीं लिया जाता। आपको इस लोन को लेने के लिए पहले वाले लोन को भरना होगा तभी जाकर आप क्लोज एंडेड लोन ले पाएंगे। आमतौर पर जो लोन लिए जाते हैं वह क्लोज़ एंडेड लोन ही होते हैं। क्योंकि उनको आप बार-बार नहीं ले सकते। यदि आप लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको पहले वाली लोन की कुल राशि ब्याज सहित जमा करानी होती है। तभी जाकर आप दोबारा लोन ले सकते हैं।

Home loans, education loan क्लोज्ड एंडेड लोन के ही उदहारण है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

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Loans के प्रकार उनके Repayment Period के हिसाब से

यदि हम बात करें लोन रीपेमेंट के हिसाब से तो लोन रीपेमेंट पीरियड के आधार पर दो भागों में बांटी जाती हैं। जिनको रिवाल्विंग लोन और टर्म लोन बोला जाता है। आइए दोस्तों आप जानते हैं रिवाल्विंग लोन और टर्म लोन के बारे में।

Revolving Loans

एक Revolving loans सुविधा एक वित्तीय संस्थान (बैंक या एनबीएफसी कंपनी) द्वारा जारी किए गए क्रेडिट का एक रूप है। जो उधारकर्ता को फिर से पैसे निकालने , चुकाने और वापस लेने की क्षमता प्रदान करता है। एक Revolving loans को उसके पुनर्भुगतान और पुनः उधार लेने की सुविधा के कारण एक लचीला financing tool माना जाता है।

क्रेडिट कार्ड के द्वारा लोन लेना रिवाल्विंग लोन का ही एक हिस्सा है जिसमें आप पैसे निकालने के बाद भी पैसे निकाल सकते हैं और इसमें खर्च किए गए पैसों को डालकर लोन राशि बढ़ा सकते हैं। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

इस लोन को आप प्रति महीने ईएमआई के रूप में भर सकते हैं। यह भुगतान आपको एक निश्चित समय के दौरान करना होता है। यह समय अवधि पहले से ही निश्चित होती है।

Term loan

टर्म लोन एक monetary loan है।  जिसे एक निश्चित अवधि में नियमित भुगतान में चुकाया जाता है। टर्म लोन आमतौर पर एक से दस साल के बीच रहता है। लेकिन कुछ मामलों में यह 30 साल तक भी चल सकता है ( यदि आपका लोन अमाउंट अधिक है तो। टर्म लोन में आमतौर पर एक अनिश्चित ब्याज दर शामिल होती है।

Loan Kya Hai? Loan से सम्बंधित कुछ Important Concepts क्या हैं?

Income

दोस्तों यदि आप लोन लेना चाहते हैं तो आपके पास कोई रोजगार होना अनिवार्य है। क्योंकि बैंक किसी भी बेरोजगार व्यक्ति को लोन नहीं देता है। दोस्तों जितनी अधिक आपकी इनकम होगी उतनी ही अधिक लोन राशि मिलने की संभावना आपको ज्यादा होंगी। आवेदक के कोई सैलरीड या उसका ख़ुद का कोई बिजनेस होना चाहिए।

ताकि वह बैंक या एनबीएफसी कंपनियों को यह विश्वास दिला सके. कि वह  लोन को ब्याज सहित एक निश्चित समय सीमा के अंदर लौटा देगा। इनकम के आधार पर ही लोन अवधि और ब्याज दरें अक्सर तय होते हैं।  यदि आपके पास कोई रोजगार नहीं है तो बैंक और अन्य एनबीएफसी कंपनियां आप को लोन देने से कतराती नज़र आएंगी। क्योंकि ऐसे कस्टमर से लोन लेने के बाद लोन की अदायगी नहीं कर पाते। और बैंकों का पैसा मर जाता है।

Age

आपकी आयु भी आपके लोन लेने के चांसेस को कम या बढ़ा सकती है। क्योंकि कोई भी लोन कोई भी बैंक या एनबीएफसी कंपनियां 60 साल से अधिक के लोगों को लोन देना पसंद नहीं करती। कई कंपनियां 65 साल तक भी लोन प्रदान करती हैं। मगर अक्सर देखा जाता है की लोन के लिए अधिकतम आयु 50 से 60 वर्ष के बीच में है। और इसके लिए आपकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। अर्थात जिन लोगों की वर्किंग ऐज (working age) है ज्यादा बची होती है। उन्हीं लोगों को बैंक भी लोन देना पसंद करते हैं।

Down payment

Down payment एक प्रकार की राशि होती है। जो आपको लोन लेते वक्त भरनी पड़ती है। इसको हमें ऐसे समझते हैं यदि आप कोई कार या बाइक खरीदना चाहते हैं तो बैंक आपको कार या बाइक की 80 से 85% तक ही लोन देगा। बाकी 15% रुपए आपको लोन लेते वक्त उस कंपनी को जिससे आप कार खरीद रहे हैं उसको देने होंगे। जो राशि लोन लेते वक्त आपको कार या बाइक कंपनियों भुगतान करनी पड़ती है. उसी को डाउन पेमेंट कहा जाता है।

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Tenure

दोस्तों टेन्योर वह समय अवधि होती है, जिसके दौरान आपको लोन राशि को बैंक को वापिस देना होता है। समय अवधि को ही टेन्योर कहा जाता है। समय अवधि के दौरान आपको ब्याज सहित कुल राशि बैंक या एनबीएफसी कंपनी जहां से भी आपने लोन ली है उसको लौटानी पड़ती है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

यदि किसी कारणवश आप लोन अमाउंट को समय अवधि के दौरान नहीं भरते हैं. तो बैंक के पास यह हक होता है कि वह आपकी सिक्योरिटी के तौर पर रखी हुई चीज को नीलाम कर कर अपनी राशि की अदायगी कर सकें। इसके लिए बैंक या एनबीएफसी कंपनी आप के खिलाफ पुलिस केस भी दर्ज करवा सकती है।

Interest rate

साथियों जैसा कि आपको पता है बैंक आप को लोन देने के पीछे ब्याज लेता है। किसी भी प्रकार के लोन लेने से पहले ब्याज दरों के बारे में जानना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।

क्योंकि जितनी अधिक ब्याज दर होंगी उतना ही अधिक आपको मूल राशि के अलावा भुगतान करना पड़ेगा। अधिक ब्याज दरें कई बार ग्राहकों के लिए अभिशाप बनकर उभरती हैं। कई बार देखने को मिलता है, जितने का फायदा नहीं होता उससे ज्यादा रुपए का ब्याज हो जाता है। ब्याज दरें लोन के हिसाब से बदलती रहती हैं। और यह आपके क्रेडिट स्कोर क्या आधार पर भी बदलती रहती हैं। किसी भी प्रकार की लोन लेने से पहले ब्याज दरों के बारे में जान लेना लोन के सबसे अहम कार्य में से एक है।

Equated Monthly Instalments (EMI)

दोस्तों जो आप जो लोन लेते हैं उसको एक निश्चित समय अवधि के दौरान आपको बैंक को लोटाना होता है। इसे आप मंथली इंस्टॉलमेंट के जरिए बैंक वापिस करते हैं। ताकि बैंक की राशि की अदायगी करते वक्त आपकी जेब पर बोझ ना बढ़े। इस तरह से आप लाखों रुपए की राशि को आसानी से महीने दर महीने चुका देते हैं और आपको लोन चुकाने में भी आसानी हो जाती है। आपको कुल राशि के साथ-साथ ब्याज दरों को भी मंथली इंस्टॉलमेंट के जरिए ही देना पड़ता है।

Loan Kya Hai और लोन के फायदे

दोस्तों आइए अब बात करते हैं लोन लेने के विभिन्न लाभों के बारे में। आखिर हम लोन लेते क्यों है? और मुश्किल वक्त में क्या लोन लेना वास्तव में ही फायदेमंद होता है? लोन के फीचर्स क्या क्या है? इन्हीं सवालों का जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे नीचे लिखी पंक्तियों में। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

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1. Financial Flexibility का होना:

दोस्तों यदि आपको कोई तत्काल में ऐसी जरूरत पेश आ जाए।  जिसमें बहुत अधिक धन की आवश्यकता हो तो ऐसे में आपके लोन ही काम आती है। लोन आपको फाइनेंसर फ्लैक्सिबिलिटी प्रदान करती हैं। लो ना आपके भविष्य में होने वाले खर्चों के प्रति सुरक्षा प्रदान करती है। और आपके बजट को भी नहीं बिगड़ने देती।

दरअसल लोन उस वक्त काम आती है, जब आपके सारे रिश्तेदार और दोस्त आपका साथ देना छोड़ दें। ऐसे में लोन ही एकमात्र सहारा होती है. जो आपको आर्थिक सहायता प्रदान करती है। साथ साथ आपके जीवन को सामान्य रूप से चलाने में मदद करती हैं।

2. आसान Availability:

यदि आपका क्रेडिट स्कोर और सिबिल स्कोर अच्छा है। तो आपके लिए लोन लेना कोई मुश्किल बात नहीं है। आप बड़ी आसानी से लोन ले सकते हैं। अक्सर देखा जाता है कागजी प्रक्रिया के बाद सभी तरह के लोन 48 घंटे के भीतर ही अप्रूव हो जाते हैं। और लोन राशि सीधे आपके अकाउंट में डाल दी जाती है। जिसे आप अपने विभिन्न कार्यों के लिए सकते हैं। लोन आसान प्रक्रिया में अधिक धन उपलब्ध कराते हैं। इस वजह से भी लोन को तवाजजोह दी जाती है।

 3. अच्छी धन राशि की प्राप्ति:

दोस्तों वर्तमान युग में ₹1000 से लेकर ₹2500000 तक के लोन भी सामान्य ग्राहकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अर्थात जेसी भी आपकी जरूरत है, उसी प्रकार के लोन आपको फाइनेंशियल मार्केट में मिल जाएंगे। और आप अपनी जरूरत के हिसाब से लोन लेकर अपने काम को सुचारू रूप से चला सकते हैं। और इमरजेंसी के समय में आर्थिक सहायता ले सकते हैं।

अगर यह बात ध्यान रखने योग्य है की लोन राशि आपके फाइनेंसियल बैकग्राउंड को देख कर ही दी जाती है। यदि आपका व्यवसाय या कोई नौकरी अच्छी है। तो आपके लिए लोन अमाउंट भी ज्यादा होगी। वहीं दूसरी ओर यदि आपके पास इतनी अच्छी नौकरी नहीं है. तो आपकी लोन राशि भी कम हो सकती है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

4. Convenient tenure

दोस्तों लोन लेते वक्त आपको यह भी विकल्प दिया जाता है कि आप लोन को कितने महीनों या सालों में चुकाना चाहते हैं। अधिकतर लोन का 12 महीने से लेकर 5 सालों में भुगतान करना होता है। लोन अवधि आपकी लोन राशि के आधार पर घट या बढ़ सकती है। वैसे तो हर एक बैंक अपने ग्राहकों को एक लचीली अवधि देता है। जिसमे आदमी आराम से अपनी लोन की चुकोती कर सकता है।

यदि फिर भी किसी कारणवश व्यक्ति लोन को चुकाने में असमर्थ होता है। तो इसके लिए कई बार लोन अवधि को बढ़ा भी दिया जाता है।

5. Tax Benefits

यदि आप टैक्सदाता हैं उसके बावजूद आप लोन लेते हैं तो आपको इनकम टैक्स एक्ट 1961 के अंतर्गत टैक्स में छूट दी जाती है। यह सुविधा सभी प्रकार के लोन में दी जाती है।

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लोन लेने के मुख्य कारण क्या हैं?

साथियों अब हम जानेंगे की लोन लेने के प्रमुख कारण क्या क्या है? और क्या वजह होती हैं जिनकी वजह से अक्सर लोग लोन के लिए आकर्षित हो रहें हैं।

To achieve Life Goals:

दोस्तों जिंदगी सपनों को साकार करने का नाम है। मगर कई बार आदमी आर्थिक स्थिति की वजह से अपने सपने साकार नहीं कर पाता। चाहे वह किसी का वह सपना चाहे किसी का खुद का घर खरीदना हो या अच्छी से अच्छी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना हो। इन सब के लिए ही अत्याधिक धन की आवश्यकता होती है। जो हर एक व्यक्ति के पास नहीं होती। ऐसे में लोन पता नहीं कितने लोगों को सपनों को साकार करने में मददगार बन रही है। यही वजह है की लोन लेने के लिए हर वर्ग और हर आयु के लोग इच्छुक होते हैं।

यदि आपको अपने सपनों की उड़ान भरने में आर्थिक स्थिति की वजह से रुकावट आ रही हैं. तो ऐसे में आपके लिए लोन सबसे बेहतर ऑप्शन है। जिसके जरिए आप अपने सपनों को गति दे सकते हैं।

Immediate financial requirements:

दोस्तों जिंदगी में पैसों की जरूरत पता नहीं कब पड़ जाए ऐसे में हमारे पास बैकअप के लिए कुछ शेविंग्स होनी चाहिए। मगर महंगाई के जमाने में सर्विंग तो दूर की बात खुद का खर्चा चलाना भी एक बड़ी बात होती है। ऐसे में यदि हमारे साथ कोई इमरजेंसी स्थिति आ जाए तो हमारे पास लोन के अलावा कोई सहारा नहीं होता है। क्योंकि लोन तुरंत ही आपको एक अच्छी खासी लोन राशि प्रदान करती है। जिसके द्वारा आप अपने किसी भी प्रकार के इमरजेंसी कार्य को अंजाम दे सकते हैं।

Financial Arrangement

लोन आपको एक फाइनेंसर स्टेबिलिटी प्रदान करता है। यदि आप अक्सर लोन लेते रहते हैं. और उसे समय पर पूरा करते रहते हैं। तो आपके लिए किसी भी समय लोन लेना कोई मुश्किल काम नहीं है। आप आसानी से किसी भी वक्त अपनी जरूरत के हिसाब से लोन ले सकते हैं। यह किसी भी प्रकार की लोन हो सकती है। इमरजेंसी लोन, बिजनेस लोन, एजुकेशन लोन, और होम लोन इत्यादि। जैसा भी आपको लोन लेना हो, उसकी मदद से आप अपने इच्छुक काम को अंजाम तक पहुंचा सकते हैं।

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लोन अप्लाई करने से पहले किन चीज़ों का ध्यान रखना आवश्यक होता है?

दोस्तों लोन लेना अपने आप में एक बहुत ही आसान प्रक्रिया है। जिसे आसानी से ऊपर बताए गए स्टेप्स की मदद से लिया जा सकता है। मगर लोन लेने के लिए कुछ सावधानी भी बरतनी पड़ती हैं। ताकि आपको भविष्य में कोई भी समस्या का सामना ना करना पड़े। क्योंकि कई बार देखा जाता है कि पहले तो लोन मजबूरी में ले लेते हैं।

और बिना टर्म्स एंड कंडीशन को देखें ही लोन की शर्तों को मान लेते हैं। मगर बाद में पछताते हैं। इसलिए लोन लेने से पहले कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं कि लोन लेने से पहले किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

Credit score:

दोस्तों किसी भी प्रकार का लोन लेने से पहले अपने क्रेडिट स्कोर को जरूर चेक करें। क्योंकि क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही बैंक आपको लोन देने के लिए राजी होता है। क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही बैंक आप के रिकॉर्ड को चेक करता है। और देखता है कि भूतकाल में आवेदनकर्ता की बैंकिंग रिकॉर्ड क्या है।

यदि आप क्रेडिट स्कोर के आधार पर फ्रॉड पाए जाते हैं. तो आपका लोन कैंसिल हो सकता है। और आपका लोन प्रक्रिया को पूरी करने में जो समय लगा है वह व्यर्थ हो जाएगा। इसलिए क्रेडिट स्कोर को जानना बहुत जरूरी होता है। आमतौर पर 750 से अधिक क्रेडिट कोर को बेहतर माना जाता है।

Rate of Interest

दोस्तों rate of interest लोन का सबसे अहम भाग होता है।  क्योंकि यही यही भाग यह तय करता है कि लोन की समय अवधि क्या होगी और लोन पर आपको अतिरिक्त कितने पैसे का ब्याज देना होगा?  एनबीएफसी कंपनियां बैंकों के मुकाबले में अधिक ब्याज वसूल करती हैं। इसलिए बैंकों से लोन लेना फायदेमंद होता है।

लोन लेने से पहले यदि आप ज्यादाजांच नहीं करना चाहते हैं. तो भी ब्याज दरों के बारे में अवश्य पता कर ले। क्योंकि ब्याज दर आपकी जेब को ढीली कर सकती हैं। लोन लेने से पहले बैंको की तुलना करें और जिस बैंक की ब्याज दरें सबसे कम हो, उसी से लोन ले। यह आपके लिए फायदेमंद होगा। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

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Processing fee and other charges

प्रोसेसिंग शुल्क बैंक या एनबीएफसी को आपके द्वारा भुगतान किया जाने वाला one time शुल्क है। यह आपको तब देना पड़ता है, जब आप लोन लेते हैं। लोन के लिए प्रोसेसिंग शुल्क ऋण प्रक्रिया (loan processing) पर ऋणदाता द्वारा किए गए खर्च को कवर करने के लिए लिया जाता है। यह ऋण राशि से deductible नहीं है।

किसी भी कार्य को करने से पहले उसके बारे में जान लेना बहुत अहम होता है। ऐसा ही लोन के मामले में भी है। क्योंकि लोन को भुगतान ब्याज सहित करना होता है। तो इसके लिए जरूरी है कि आप लोन के हर एक्सपेक्ट के बारे में जाने। ताकि भविष्य में आपको किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े।

विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों के बारे में पता करें और प्रोसेसिंग चार्ज का भी पता करें। साथ ही साथ पेनल्टी चार्ज और अन्य चीजों के बारे में भी पता करें। ताकि आपकी जेब पर ज्यादा बोझ लोन राशि के अलावा ना पड़े।

जब भी आप लोन लेना चाहे तो इन सब बातों को ध्यान में जरूर रखें। ताकि भविष्य में आपको किसी प्रकार की समस्या और परेशानी से ना गुजरना पड़े।

Loan लेने की Eligibility

आवेदन कर्तानोकरी पैसास्वरोजगार
आयु (न्यूनतम और अधिकतम)23 से 58 वर्ष28 से 65 वर्ष
आय (प्रति माह)20000 (कुछ लोन में यह सीमा कम और ज्यादा हो सकती है)न्यूनतम टर्नओवर 40 लाख होना (वार्षिक)
सिबिल स्कोर750 से अधिक750 से अधिक

दोस्तों किसी भी बैंक के लिए एक निश्चित एलिजिबिलिटी नहीं है। प्रति बैंक के हिसाब से आपको एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पास करना होता है । कुछ बैंकों में लोन को 18 वर्ष से देना शुरू कर देते हैं। तो किसी में 23 वर्ष के बाद दिया जाता है। कुछ बैंक बहुत ज्यादा बड़ी कार्य प्रक्रिया से गुजरते हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ बैंक नियंत्रण और पेपरलेस प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं।

लोन के हिसाब से भी लोन एलिजिबिलिटी बदलती रहती है। इसलिए किसी भी लोन लेने से पहले उसकी एलिजिबिलिटी के बारे में जान ले तो बेहतर है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

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Loan Application के लिए Documents

दोस्तों जैसा क्या आप सबको पता होगा कि बैंकों की कागजी प्रक्रिया बहुत ही लचीली ( कॉम्प्लेक्स) होती हैं। जिसे पूरी करना आसान नहीं होता। इसलिए बेहतर होता है कि पहले से ही आवश्यक दस्तावेजों के बारे में पता कर लिया जाए। ताकि आप आसानी से आवश्यक दस्तावेजों को इकठ्ठा कर सकें।

दोस्तों लोन लेने के लिए सबसे पहले आपको अपने नजदीकी बैंक शाखा में संपर्क करना होता है। फिर बैंक शाखा में जाकर आपको इच्छुक लोन के लिए फॉर्म लेना होता है। जिसे हम फॉर्म संख्या 16 बोलते हैं। जैसा कि आपको अभी हमने बताया कि लोन दो प्रकार के व्यक्तियों को दी जाती है।

इन दोनों के लिए ही एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और अलग अलग लोन डाक्यूमेंट्स की जरूरत होती है।

नोकरी पेशास्वरोजगार
आवेदन फॉर्म के साथ पासपोर्ट आकार के फ़ोटोआवेदन फॉर्म के साथ पासपोर्ट आकार के फ़ोटो
पहचान पत्र और रिहायशी प्रमाण पत्रपहचान पत्र और रिहायशी प्रमाण पत्र
पिछले छह महीने की बैंक स्टेटमेंटपिछले छह महीने की बैंक स्टेटमेंट
हालिया सैलरी स्लिपकारोबार का पहचान या प्रमाण पत्र
प्रोसेसिंग फीस चेक के साथप्रोसेसिंग फीस चेक के साथ
फॉर्म संख्या 16फॉर्म संख्या 16

दोस्तों जैसा कि आपने देखा नौकरी पेशा व्यक्ति और खुद का रोजगार चलाने वाले व्यक्ति के लॉन लेने के लिए दस्तावेजों में कोई ज्यादा फर्क नहीं होता है। यदि आपकी दी गई जानकारी के अनुसार बैंक की जांच सहित ठहरती है। तो आपका लोन मंजूर कर लिया जाता है।

Loan EMI Calculator क्या है?

यह एक प्रकार का कैलकुलेटर है। जिसका उपयोग हम मासिक ईएमआई का पता लगाने के लिए करते हैं। यह कैलकुलेटर आपसे कुल राशि, ब्याज दरें और लोन की समय अवधि के बारे में पूछता है। उसके बाद कैलकुलेशन कर कर मासिक ईएमआई के बारे में जानकारी देता है।

इस में आपको एक सूत्र के रूप में यह जानकारियां देनी होती हैं। जिसके लिए हम विभिन्न चिह्नो का उपयोग करते हैं। जैसे कि principal Amount (P), Time duration (N), और Rate of interest (R). उदहारण के लिए यदि आप 3000 रुपए (P) का लोन 3 वर्ष (N) के लिए 9% वार्षिक ब्याज दर (R)  पर लेते हैं। तो आपकी मासिक ईएमआई 95 रुपए आएगी।

लोन ईएमआई को चेक करने के लिए ये फॉर्मूला होता है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

EMI = P × r × (1 + r)n/((1 + r)n – 1)

where P= Loan amount, r= interest rate, n=tenure in number of months.

ऊपर दिए गए फॉर्मूला की सहायता से आप मासिक ईएमआई का पता कर सकते हैं।

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लोन केसे ले (Loan Kaise Le in Hindi)?

दोस्तों अब बात करते हैं कि लोन कैसे लें वैसे तो लोन को ऑफलाइन लेना ही बेहतर माना जाता है। मगर डिजिटलाइजेशन के दौर में अब कुछ लोगों की पसंद ऑनलाइन लोन ही है। लोन को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से लिया जाता है।

यदि आप ऑफलाइन लोन लेना चाहते हैं तो आपको किसी भी नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क करना होगा। जहां आपको एप्लीकेशन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेज अटैच करने होंगे। और पूरी बैंकिंग प्रक्रिया करने के पश्चात आपको एप्लीकेशन फॉर्म बैंक में जमा कराना होगा। इसके बाद बैंक के एजेंट आपकी दी गई जानकारी की सत्यता की जांच करेंगे। यदि आपके दी द्वारा दी गई जानकारी सही पाई जाती है। और आपका सिबिल स्कोर अच्छा होता है, तो आपके लिए लोन दे दिया जाएगा।

 लोन की जानकारी आपको एसएमएस या मोबाइल फोन से दी जाएगी। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

वहीं दूसरी ओर यदि हम बात करें ऑनलाइन लोन की। तो उसके लिए आपको गूगल प्ले स्टोर से इच्छुक बैंक का ऐप डाउनलोड करना होगा।  उसके बाद ऐप में आपको रजिस्टर करना होगा। रजिस्टर करने के पश्चात आपको होम पेज पर दिखाई जा रहे हैं विभिन्न प्रकार के लोन मैं से इच्छुक लोन चुनना होगा। फिर उसके लिए आपको अपने सारे दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इस प्रकार से आप ऑनलाइन लोन ले सकते हैं।

Loan का 4 C’s of Credit क्या है? और इसे जानना क्यूँ जरुरी होता हैं?

4 C के अंतर्गत Character Capacity Capital और Collateral आते हैं।

Character

करैक्टर का अर्थ होता है कि आपका बैंक के साथ रवैया कैसा रहा है। character में आपकी सारी फाइनैंशल हिस्ट्री देखी जाती है। और पता किया जाता है की लोन लेने वाले व्यक्ति के पास किसी प्रकार का कोई फ्रॉड बाजी का केस तो नहीं है। इसके लिए आपका सिबिल स्कोर भी चेक किया जाता है। यदि आप का क्रेडिट स्कोर 750 से अधिक होता है, तो आपके लिए लोन की स्वीकृति दे दी जाती है।

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Capacity

कैपेसिटी का अर्थ होता है कि आप अपने बिजनेस से कितने पैसे कमा सकते हैं। और कितना रेवेन्यू जनरेट कर सकते हैं। ताकि आप अपनी फैमिली के चलाने के साथ-साथ लोन को भी भर सकें। कैपेसिटी में आपकी लोन चुकाने की क्षमता के बारे में पता किया जाता है। यह है तब बहुत गहराई से चेक होती है, जब आपका बिजनेस नया हो।

और आप बिजनेस लोन ले रहे हो। इसके लिए बैंक खास ध्यान रखते हैं कि लोन लेने वाले बंदे का बिजनेस कैसा है। और क्या इस बिजनेस है उसे प्रॉफिट हो पाएगा? इस तरह के विचारों को संतुष्ट होने के बाद ही लोन दिया जाता है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

Capital

वर्किंग कैपिटल लोन वह होता है जो किसी व्यवसाय के दिन-प्रतिदिन के कार्यों को पूरा करने के लिए लिया जाता है। जिसमें कर्मचारियों के वेतन के भुगतान से लेकर दिहाड़ी खातों को कवर करना शामिल है। सभी व्यवसाय पूरे वर्ष नियमित बिक्री या लाभ नहीं प्राप्त करते। और कभी-कभी संचालन को चालू रखने के लिए पूंजी की आवश्यकता उत्पन्न हो सकती है। यह आमतौर पर उन कंपनियों के मामले में होता है जिनके पास मौसमी व्यापार चक्र या चक्रीय बिक्री होती है।

जबकि कुछ अन्य कारोबार में त्योहारी सीजन या कम व्यावसायिक गतिविधि  (business activities) की अवधि के दौरान इस तरह के लोन की आवश्यकता हो सकती है।  एक कंपनी की working capital भी उसके वित्तीय स्वास्थ्य financial health और liquidity की स्थिति को दर्शाती है। सभी बैंक लोन देने वाली कंपनियों के वर्किंग कैपिटल के बारे में खास खयाल रखते हैं।

Collateral

कॉलेटरल का अर्थ होता है सिक्योरिटी के तौर पर रखी जाने वाली चीजें। जब आप लोन लेते हैं तो बैंक आपसे सिक्योरिटी के तौर पर या तो जमीन के दस्तावेज सोना है कुछ अन्य चीज (जिससे बैंक को अपनी राशि की अदायगी की उम्मीद बनी रहे) ऐसी चीज गिरवी रखते हैं। यदि आप किसी कारणवश बैंक की पूरी राशि चुकाने में असमर्थ होते हैं। तो बैंक आपके रखे हुए सामान को नीलाम कर कर अपनी राशि की अदायगी कर सकते हैं।

बैंक आपकी रखी गई किसी भी चीज की 80 से 85% तक का लोन देते हैं। ताकि किसी भी प्रकार की स्तिथि उत्पन्न होने पर बैंक की राशि डूबे नहीं।

किसी assets के बदले लोन लेना बहुत आसान हो जाता है। और आपको बिना assets के दी जाने वाली लोन के मुकाबले में अधिक रुपए का लोन भी मिल जाता है। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

क्या Mutual funds को loans में collateral के तोर पर इस्तमाल किया जा सकता है?

यदि आप के पास कॉलेटरल के लिए कोई ऐसी वस्तु नहीं है जिसके आधार पर आप को लोन मिल सके। मगर आपने म्यूचल फंड में इन्वेस्ट किया है तो आप अपने म्यूच्यूअल फंड्स को भी कॉलेटरल के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको वैसे एक फॉर्म भरना होता है। बाकी के डाक्यूमेंट्स आपके वही से ले लिए जाते हैं। याद रखें लोन राशि आपके म्यूच्यूअल फंड्स इन्वेस्टमेंट के आधार पर निर्धारित की जाएगी।

यदि आपने अच्छी खासी रकम म्यूचल फंड में इन्वेस्ट कर रखी है, तो आपकी लोन राशि भी बढ़ा दी जाएगी। यदि आपने थोड़ा बहुत ही उसमें इन्वेस्ट किया है तो आपके लोन राशि भी कम ही होगी। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

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मोबाइल से लोन कैसे लिया जाता है (Loan Kaise Le Mobile Se?)

loan kaise le mobile se? Mobile (मोबाइल) का हमारे जीवन में अहम योगदान है। मोबाइल के जरिए आज आप बड़े से बड़े बिजनेस को घर बैठे ही चला सकते हैं। मोबाइल आने के बाद हमारा जीवन काफी आसान हो गया है। स्मार्टफोन के अंतर्गत मोबाइल फोन ने इतनी तरक्की कर ली है. कि आज से 50 साल पहले किसी ने सोचा भी नहीं होगा। करोड़ों रुपए का कारोबार लोग मोबाइल के जरिए घर पर बैठे-बैठे ही कर लेते हैं।

मोबाइल की मांग हर क्षेत्र में बड़ी है बैंकिंग कंपनियां भी अपने ग्राहकों को मोबाइल पर लोन लेने की सुविधा प्रदान करने लगी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मोबाइल से लोन लिया जा सकता है? और दूसरा सवाल उठता है कि मोबाइल से लोन कैसे लें? तो आइए दोस्तों जानते हैं, मोबाइल से लोन कैसे लें।

दोस्तों अधिकतर बैंकों ने अपने मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च कर रखे हैं। जिन के माध्यम से ऑनलाइन लोन प्रदान की जाती है। वही सैकड़ों एनबीएफसी कंपनियां इस क्षेत्र में काम कर रही है। और लोगों को ऑनलाइन लोन की सुविधा प्रदान कर रही है। इनमें से प्रमुख है Dhani App और Money Tap App.

और इसमें रजिस्टर कर कर, इच्छुक लोन के लिए अप्लाई करना होगा। यदि आपके द्वारा अपलोडेड दस्तावेज सही पाए जाते हैं। और आपका सिबिल स्कोर अच्छा है, तो आपका लोन मंजूर कर लिया जाएगा। “Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? Loan Kaise Le Sakta Hai?”

Loan हिंदी में (Loan Kya Hai?)

दोस्तों आज हमने इस आर्टिकल में चर्चा की Loan क्या है? और कैसे ले (loan kaise len)? लोन आज दैनिक जीवन का एक मामूली सा शब्द बन गया है। जिसे हम उठते बैठते सुनते ही रहते हैं। मगर हमको लोन से संबंधित बहुत सी जानकारियों के बारे में पता नहीं होता।

इसी उद्देश्य से हमने यह आर्टिकल लिखा। इस आर्टिकल को लिखने के पीछे का जो उद्देश्य था वह आपको लोन से संबंधित हर प्रकार की छोटी से छोटी जानकारी लेकर बड़ी जानकारी तक देना है। ताकि आपको लोन लेते वक्त किसी भी परेशानी यह समस्या का सामना ना करना पड़े।

दोस्तों ऐसी ही बहुत सारी लोन की जानकारियां हमने अपनी इसी वेबसाइट पर दी हुई है। यदि आपको किसी भी प्रकार का लोन चाहे वह इंस्टेंट लोन, होम लोन, टर्म लोन पर्सनल लोन, मोबाइल फोन लोन या अन्य किसी भी प्रकार का लोन लेना हो तो आप हमारी इसी वेबसाइट को विजिट कर सकते हैं।

दोस्तों जैसा कि आपने देखा इस आर्टिकल में लोन के हर एक पहलू के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है। और आपके मन में लोन से संबंधित कोई भी शेष प्रश्न नहीं बचा होगा। यदि आपका कोई साथी लोन लेना चाह रहा हो तो उसे इस आर्टिकल के बारे में जरूर बताएं। ताकि वह भी लोन से संबंधित सभी पहलुओं के बारे में जान सके।

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Conclusion (Loan Kya Hai?)

आज हमने चर्चा की लोन क्या है – What is Loan in Hindi. Loan Kya Hai in Hindi and Loan Kaise Le/ Len? लोन के अंग क्या हैं? Loan Kaise Le Sakta Hai? लोन की श्रेणी। लोन के प्रकार – Types of Loan in Hindi. Personal Loan. Education loan. Home loan. Car loan या Vehicle Loan. Business Loan. Gold Loan. TERM LOAN

Loans के प्रकार उन्हें लेने के हिसाब से। Loans के प्रकार उनके repayment period के हिसाब से। Loan से सम्बंधित कुछ Important Concepts क्या हैं? लोन के फायदे। लोन लेने के मुख्य कारण क्या हैं? लोन अप्लाई करने से पहले किन चीज़ों का ध्यान रखना आवश्यक होता है?

Loan लेने की Eligibility and Loan Application के लिए Documents. Loan EMI Calculator क्या है?

लोन कैसे ले. Loan का 4 C’s of Credit क्या है और इसे जानना क्यूँ जरुरी होता हैं? क्या Mutual funds को loans में collateral के तोर पर इस्तमाल किया जा सकता है? Loan हिंदी में।

यदि किसी प्रकार की त्रुटि या प्रश्न करना हो तो आप हमें कॉमेंट बॉक्स में बता सकते हैं। हम जल्दी ही आपकी समस्या का समाधान करेंगे। ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियां पाने के लिए हमारी वेबसाइट को विजिट करे।


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